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Free Boring Yojana: फ्री बोरिंग योजना

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य किसानों के लिए फ्री  बोरिंग योजना चलाई जा रही है इसका संचालन लघु सिंचाई विभाग द्वारा किया जाता है इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और सामंत किसने की सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना ताकि वे पानी की कमी के कारण होने वाले नुकसान से बच सके और अपनी फसल की पैदावार बढ़ा सके

योजना का लाभ और अनुदान

इस योजना के तहत किसानों को अपने खेतों में बोरिंग नलकूप लगवाने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है बोरिंग का काम होने के बाद पंपसेट लगने की व्यवस्था किसान को खुद करनी होती है

किसान की श्रेणी जोत (जमीन) का आकार बोरिंग पर अनुदान (रुपये)
लघु किसान
1 से हेक्टेयर
5000
अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST)
कोई न्यूनतम सीमा नहीं
10000
सीमांत किसान
1 हेक्टेयर से कम
7000

यूपी गहरे नलकूप फ्री बोरिंग योजना: किसानों को सिंचाई के लिए 1 लाख रुपये तक की भारी सब्सिडी

उत्तर प्रदेश के लघु सिंचाई विभाग द्वारा राज्य के किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए यूपी गहरे नलकूप फ्री बोरिंग योजना का संचालन किया जा रहा है साल दो 1982 से चल रही यह योजना विशेष रूप से उन पठारी और कठिन क्षेत्र के लिए वरदान है जहां जमीन के नीचे पानी का स्थल काफी गहरा होता है इस योजना के तहत किसानों को नलकुम लगवाने पंप सेट खरीदने और बिजली कनेक्शन के लिए भारी अनुदान दिया जाता है

  • कुल आर्थिक सहायता: नलकूप में ड्रिलिंग, पाइप, पंपसेट, पंप हाउस (सम्पवेल) निर्माण और ऊर्जीकरण (बिजली कनेक्शन) के लिए कुल मिलाकर 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है।

  • बिजली कनेक्शन के लिए अनुदान: नलकूप के ऊर्जीकरण के लिए ₹68,000 तक की राशि सीधे ‘उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन’ को किसान के नाम से जमा कराई जाती है।

  • जल वितरण प्रणाली (पाइपलाइन): पानी की बर्बादी रोकने और खेतों तक सही से पानी पहुँचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने हेतु ₹10,000 की अतिरिक्त सहायता मिलती है।

नलकूप निर्माण के तकनीकी नियम और शर्तें

  • गहराई इस योजना के तहत केवल उन नलकूपों का निर्माण किया जाएगा जिनकी गहराई 61 मीटर से 90 मीटर या उससे अधिक हो।

  • स्थान की शर्त  – बोरिंग इस स्थान पर की जाएगी जिसकी 500 मी के दायरे में पहले से कोई उन नल को ना लगा हो
  • कहां लागू नहीं है – प्रदेश के वे विकासखंड जी ने अतिदोहित (Over-exploited) या क्रिटिकल घोषित किया गया है वहां इस स्थान के तहत बोरिंग नहीं की जाएगी
  • निर्माण का समय और सीमा –  किसान को अनुदान राशि तभी प्राप्त होगी जब वह बोरिंग पूरी होने के 1 वर्ष के भीतर अपना पूरा निर्माण कार्य पंप हाउस आदि का पूरा कर लेगा
Free Boring Yojana: फ्री बोरिंग योजना

पात्रता और आवश्यक दिशा निर्देश

  • नलकूप योजना में राज्य के सभी श्रेणी (General, OBC, SC, ST) के किस आवेदन कर सकते हैं
  • किसान का पंजीकरण प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि योजना यूपी की सरकार के पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल पर होनाअनिवार्य है
  • किसान चाहे तो समूह बनाकर संयुक्त रूप से भी नलकूप लगा सकते हैं और आसपास के किसानों को किराए पर पानी देकर अपनी आय भी बढ़ा सकते हैं
  • जो किसान पहले से मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के लाभार्थी हेतु भी आवेदन कर सकते हैं बस शारदे उन्होंने पुराना वीर पूरा चुका दिया हो डिफाल्टर ना हो

बोरिंग फेल होने पर क्या होगा? (गारंटी नियम)

योजना में किसानों के हितों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है:
  1. 6 महीने के अंदर फेल होने पर – यदि बोरिंग होने के 6 माह के भीतर नाल को फेल हो जाता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की होगी संबंधित अधिकारी की जवाब दे ही तय होगी और किस के खेत में दोबारा फ्री बोरिंग कराई जाएगी
  2. 6 महीने के बाद फेल होने पर – यदि नलकुम 6 माह के बाद खराब या फेल होता है तो इसकी जिम्मेदारी कृषि विभाग कोई जिम्मेदारी नहीं होगी

आवेदन कैसे करें? (Application Process)

इस योजना में धोखाधड़ी से बचने और पारदर्शित लाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दियागया है
  1. किसानों को नलकुम की बोरिंग के लिए उत्तर प्रदेश जल जीवन मिशन के वे पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा  (ऑफलाइन आवेदन संस्कार नहीं होंगे)
  2. नलकूप योजना से जुड़ी किसी भी वस्तु जानकारी के लिए किस के लघु सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश की अधिकारी वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं

पंपसेट (Pump Set) के लिए लोन की सुविधा

अक्सर केवल बोरिंग करवा लेने से खेत तक पानी नहीं पहुंचता इसके लिए पानी खींचने वाली मोटर या पंप सेट की आवश्यकता होती है इस योजना में इसके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं
 
  • बैंकों से आसान ऋण: किसान बोरिंग के बाद पंपसेट खरीदने के लिए नाबार्ड (NABARD) द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, भूमि विकास बैंक, सहकारी बैंक या कमर्शियल बैंक से लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • योजना से जुड़े होने के कारण बैंक द्वारा इन आवेदनों को प्राथमिकता दी जाती है और लोग आसानी से स्वीकृत हो जाता है

एचडीपीई (HDPE) पाइप के लिए सहायता

पानी की बर्बादी रोकने और खेत की हर कोने तक पानी ले जाने के लिए HDPE पाइप पर खरीदने पर भी किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता अधिकतम 3000 या लागत का 50% जो भी काम हो दी जाती है

आवेदन और लोन के लिए मुख्य दस्तावेज

  • अधार कार्ड
  • .बैंक पासबुक की कॉपी (अधार से लिंक )
  • जमीन के कागज (खसरा – खतौनी)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • जाति प्रमाण पत्र ( यदि SC/ST/OBC वर्ग से है )
  • मोबाईल नम्बर अधार से लिंक
  • सफेद पेज पर हस्ताक्षर

निम्नलिखित में से किसी एक की पंजीकरण संख्या अनिवार्य है

प्रधानमंत्री PM किसान योजना

पारदर्शी किसान सेवा (कृषि विभाग ) पोर्टल पंजीकरण संख्या

  • शपथपत्र 100 रुपए का स्टाम्प तहसील प्रमाणित

 

नलकूप योजना के महत्वपूर्ण बिंदु

  • सिंचाई का द्वरा: नलकूप योजना के तहत लगने वाली नलकूप से कम से कम 12 हेक्टेयर शुद्ध कृषि भूमि और 20 हेक्टेयर सकल भूमि की सिंचाई होना अनिवार्य है
  • खर्च और अंशदान जमा प्रक्रिया:बोरवेल लगाने का काम तभी शुरू किया जाएगा जब किस कुल लागत का 50% या अनुमानित राशि जो भी अधिक हो संबंधित विभाग को देना होगा
  • अतिरिक्त व्यय का वहन:सरकार द्वारा मिलने वाली सब्सिडी अनुदान के अलावा बाकी बचे हुए खर्च की व्यवस्था किस को खुद करनी होगी इसके अलावा यदि बोरिंग की गहराई 90 मीटर से ज्यादा है तो उसे अतिरिक्त कराई का खर्च भी किसान को ही उठाना होगा
  • पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: इस योजना का लाभ लेने वाले सभी किसानों के लिए यहां जरूरी है कि वह अपने बोरवेल का पंजीकरण भूगर्भ जल विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर आवश्यक कारण
  • इन्हें मिलेगी प्राथमिकता: ऐसे किसान जो सुरक्षा सिंचाई प्रणाली का लाभ उठाने के लिए कृषि विभाग में पहले से पेनक्रिएटत है उन्हें बोरिंग की अवगठन का विशेष प्राथमिकता दी जाएगी
  •  नलकूप का ऊर्जीकरण (बिजली/सोलर व्यवस्था)नलकूपों को चलाने के लिए मुख्य रूप से प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत व्यवस्था की जाएगी जिन क्षेत्रों में कुसुम योजना का माध्यम से सोलर पैनल लगाना संभव नहीं होगा वहां बिजली के माध्यम से कनेक्शन दिया जाएगा

  • पावर कॉर्पोरेशन की भूमिका:सामान्य बिजली से चलने वाली नलकंपो का वर्गीकरण उत्तर प्रदेश भारत का ऑपरेशन द्वारा किया जाएगा बोरिंग का काम पूरा होने के बाद लाभार्थी किस का नाम और अनुदान की पूरी जानकारी पावर कॉरपोरेशन विभाग को भेज दी जाएगी
  • भुगतान की प्रक्रिया: योजना के तहत बिजली कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जो भी तय धनराशि होगी वह बैंक के माध्यम से सीधे उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ट्रांसफर कर दी जाएगी

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