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65000 हजार कन्या विवाह सहयता योजना

कन्या विवाह सहायता योजना

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य लाभार्थी पंजीकृत मजदूरों और भवन और अन्य निर्माण प्रक्रियाओं में काम करने वाली पंजीकृत महिला एव पुरुष निर्माण मजदूरों की विवाह योग्य बेटियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना वे सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिक इस योजना के तहत पात्र होंगे, जो बोर्ड के नवीनतम विधिवत पंजीकृत सदस्य हैं और अशंदान जमा किया गया हो UPBOCW

शादी से पहले , साथ ही ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक की बेटी या खुद पंजीकृत महिला श्रमिक की आयु सरकार द्वारा समय-समय पर तय की गई आयु से कम नहीं होनी चाहिए। इस योजना के तहत, ऐसे अद्यतन पंजीकृत निर्माण श्रमिक जिन्होंने पंजीकरण के बाद कम से कम 1 वर्ष (365 दिन) की बोर्ड सदस्यता अवधि पूरी कर ली है, वे लाभ के लिए आवेदन कर सकते हैं।

विवाह पूरा होने के एक वर्ष के भीतर, सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ लोक सेवा केंद्र/बोर्ड की वेबसाइट से एक आवेदन करना होगा, या अपने नजदीकी  CSC सेंटर पर जाकर आवेदन किया जा सकता है लेकिन सामूहिक विवाह के मामले में, विवाह के लिए निर्धारित तिथि से 15 दिन पहले आवेदन किया जा सकता है। आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा

सरकारी लाभ

लेबर कार्ड / निर्माण श्रमिक) सामूहिक विवाह ₹1,00,000 आमतौर पर ये सहायता योजनाएँ होती हैं:शादी होने के बाद में 65,000

पात्रता

  • निर्माण श्रमिक द्वारा पंजीयन के उपरान्त कम से कम 365 दिन बोर्ड की सदस्यता अवधि पूर्ण कर ली गयी हो।
  • विवाह सम्पन होने के 1 वर्ष के भीतर एवं सामूहिक विवाह की स्थिति में 15 दिन पूर्व आवेदन का प्रावधान किया गया है।
  • लाभार्थी श्रमिक की पुत्री एवं वर का आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य कर दिया गया है।
  • हितलाभ 2 संतानो की सीमा के अधीन सीमित कर दिया गया है।
  • प्रशनगत पुत्री तथा प्रस्तावित वर द्वारा क्रमशः 18 वर्ष एवं 21 वर्ष (आयु जैसा समय समय पर सरकार द्वारा निर्धारित किया जायेगा से कम आयु नही होनी चाहिए) निर्धारित आयु पूर्ण करने के पश्च्चात उक्त योजना का हितलाभ अनुमन्य होगा।

जरुरी अभिलेख

  • सम्बंधित पुत्री एवं वर की आयु के सम्बन्ध में जन्म प्रमाण पत्र / स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट / परिवार रजिस्टर की स्वप्रमाणित प्रति
  • विवाह कार्ड स्थानीय ग्राम प्रधान / तहसीलदार / सभासद / पार्षद द्वारा प्रमाणित एवं सत्यापित हो
  • पुत्री यदि गोद ली गयी है, तो उससे सम्बंधित यथा प्रमाणित अभिलेख
  • लाभार्थी पंजीकृत श्रमिक के कुटुंब रजिस्टर / राशन कार्ड अथवा इसके समतुल्य अभिलेख की स्वप्रमाणित प्रति
  • विवाह होने सम्बन्धी (वर-वधु) का फोटोग्राफ जो कि श्रमिक द्वारा प्रमाणित हो
  • पिछले 12 महीने में कम से कम 90 दिन भवन एवं सन्निर्माण प्रक्रियाओं में कार्यरत होने का निर्धारित प्रारूप पर नियोजन / स्वघोषणा प्रमाण पत्र
  • पंजीकृत श्रमिक द्वारा राज्य अथवा केंद्र सरकार के अधीन संचालित समान प्रकार की योजना में हितलाभ प्राप्त न होने का स्वघोषणा पत्र संलग्न कराना अनिवार्य होगा
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फ्री हितलाभ

 

  • पंजीकृत निर्माण श्रमिक को समस्त अर्हताओं की पूर्ती की स्तिथि में उसकी पुत्री अथवा पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिक के स्वयं के विवाह हेतु रुo 65,000 /- (रुपये पैंसठ हज़ार मात्र) की धनराशि बोर्ड द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी तथा अंतर्जातीय विवाह हेतु रुo 75,000 /- (रुपये पचहत्तर हज़ार मात्र) की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी।
  • सामूहिक विवाह की स्तिथि में न्यूनतम 11 जोडों के विवाह एक साथ एक स्थल पर आयोजित होने की दशा में पुत्री विवाह हेतु रु0 85,000 (₹85,000 (पचासी हज़ार रुपये मात्र) की धनराशि बोर्ड द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी तथा सामूहिक विवाह आयोजन में होने वाले व्यय हेतु रुo 15000 /- प्रति जोडे की दर से भुगतान बोर्ड द्वारा आयोजनकर्ता को किया जाएगा।एवं यदि दोनों पक्षों में से कोई भी एक पक्ष उपस्थित नही होता है, तो ऐसी दशा में सामान्य / अंतर्जातीय विवाह (जैसी भी स्थिति हो) में देय धनराशि में पोशाक हेतु अग्रिम के रूप में भुगतान की गयी धनराशि का समायोजन कर लिया जाएगा।
  • पंजीकृत महिला श्रमिकों के स्वयं के विवाह की दशा में भी उपरोक्तानुसार हितलाभ की धनराशि इस शर्त के साथ देय होगी कि उसके पिता / माता द्वारा इस मद में धनराशि प्राप्त न की गयी हो। पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक के पुनर्विवाह की स्थिति में यह हितलाभ केवल उसी दशा में देय होगा जबकि उसका विवाह-विच्छेद वैधानिक रूप से हुआ हो अथवा उसके पति की मृत्यु हो जाने पर उसके द्वारा पुनर्विवाह किया जा रहा हो। विवाह-विच्छेद के प्रकरणों में सक्षम अधिकारिता के न्यायालय के निर्णय की सत्यापित प्रतिलिपि तथा पति की मृत्यु के उपरांत किये जाने वाले पुनर्विवाह की दशा में सक्षम स्तर से निर्गत पति के मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि आवश्यक अभिलेख के रूप में वांछित होंगे। पुनर्विवाह के प्रकरणों में देय हितलाभ की धनराशि सामूहिक विवाहों के प्रकरणों में देय धनराशि के समतुल्य होगी।
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