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भारत में करोड़ों लोग निर्माण कार्य से जुड़े हुए हैं। ईंट-गारा, सड़क, पुल, मकान, फैक्ट्री, नाली, सरकारी और निजी निर्माण कार्य करने वाले श्रमिक देश की रीढ़ हैं। लेकिन यह काम जितना जरूरी है, उतना ही जोखिम भरा भी है। आए दिन दुर्घटनाएँ होती हैं, और कई बार श्रमिक की असमय मृत्यु हो जाती है। ऐसे में परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है।इसी समस्या को समझते हुए सरकार ने निर्माण श्रमिक कल्याण योजना शुरू की है, जिसके तहत यदि किसी पंजीकृत निर्माण श्रमिक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को 5,25,000 की आर्थिक सहायता और 

पात्रता होना अनिवार्य है

  • इस योजना के अंतर्गत दुर्घटना / बीमारी के फलस्वरूप दिव्यांगता की स्थिति में वे सभी श्रमिक पात्र होंगे, जो पंजीकृत एवं अद्यतन रूप से नवीनीकृत हैं।
  • पंजीकृत निर्माण श्रमिक की मृत्यु होने की स्थिति में उसके आश्रित हितलाभ हेतु पात्र होंगे। आश्रित से तात्पर्य प्रथमत: सहायता राशि का भुगतान लाभार्थी श्रमिक के पति अथवा पत्नी (जैसे भी स्थिति हो), को द्वितीयत: लाभार्थी श्रमिक के वयस्क पुत्र / अविवाहित वयस्क पुत्री एवं उनके अनुपलब्ध होने पर लाभार्थी श्रमिक पर आश्रित माता / पिता और अंतत: लाभार्थी श्रमिक के अवयस्क पुत्रों अथवा पुत्रियों को किया जायेगा, परन्तु प्रतिबन्ध यह है कि यह सहायता आत्महत्या जैसी स्थिति में अनुमन्य नहीं होगी।
  • हत्या, सर्पदष, बिजली गिरने, प्रसव के कारण होने वाली मृत्यु एवं अन्य दैवीय आपदा की स्थिति में हुई मृत्यु को सामान्य मृत्यु मानते हुए तदनुसार हितलाभ अनुमन्य होगा।
  • निर्माण श्रमिक की मृत्यु की स्थिति में आश्रित द्वारा आवेदन करने पर आश्रित का आधार प्रमाणीकरण आवश्यक होगा।सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि मृतक व्यक्ति के पास निर्माण श्रमिक (लेबर) कार्ड होना चाहिए। यह लेबर कार्ड उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) में पंजीकृत होना जरूरी है। साथ ही यह भी आवश्यक है कि लेबर कार्ड मृत्यु से पहले वैध (Active) हो। यदि कार्ड एक्सपायर या रद्द हो चुका है, तो योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

    दूसरी महत्वपूर्ण पात्रता यह है कि मृतक व्यक्ति वास्तव में निर्माण कार्य से जुड़ा श्रमिक रहा हो, जैसे मजदूर, मिस्त्री, राजमिस्त्री, पेंटर, बढ़ई, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन आदि। केवल पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को ही इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है।

    तीसरी शर्त यह है कि सहायता राशि केवल मृतक के आश्रित परिवार को दी जाती है। इसमें पत्नी या पति, अवयस्क बच्चे, अथवा लेबर कार्ड में दर्ज नामित व्यक्ति शामिल होते हैं। यदि नामांकन दर्ज नहीं है, तो पारिवारिक संबंध प्रमाण देना आवश्यक होता है।

आवश्यक अभिलेख

निर्माण श्रमिक मृत्यु सहायता योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक के पास सभी आवश्यक अभिलेख (दस्तावेज) होना अनिवार्य है। बिना पूर्ण और सही दस्तावेजों के आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता और सहायता राशि मिलने में देरी या अस्वीकृति हो सकती है। इसलिए आवेदन से पहले सभी अभिलेख तैयार रखना बहुत जरूरी है।

सबसे पहला और मुख्य अभिलेख मृत्यु प्रमाण पत्र है। यह प्रमाण पत्र नगर निगम, ग्राम पंचायत या सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी होना चाहिए। मृत्यु प्रमाण पत्र के बिना इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता।

दूसरा महत्वपूर्ण दस्तावेज मृतक का निर्माण श्रमिक (लेबर) कार्ड है, जो उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत होना चाहिए। यह लेबर कार्ड मृत्यु से पहले वैध होना आवश्यक है।

तीसरा आवश्यक अभिलेख आधार कार्ड है। मृतक श्रमिक का आधार कार्ड तथा सहायता के लिए आवेदन करने वाले आश्रित व्यक्ति का आधार कार्ड दोनों जरूरी होते हैं। इसके साथ ही आधार से जुड़ा बैंक खाता विवरण भी अनिवार्य है, ताकि सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जा सके।

इसके अतिरिक्त बैंक पासबुक की छायाप्रति आवश्यक होती है, जिसमें खाता संख्या, IFSC कोड और खाताधारक का नाम स्पष्ट दिखाई दे। यह खाता आवेदक के नाम पर होना चाहिए।

यदि मृतक ने पहले से किसी व्यक्ति को नामित (Nominee) किया है, तो नामांकन प्रमाण पत्र भी लगाना आवश्यक है। नामांकन न होने की स्थिति में पारिवारिक संबंध प्रमाण पत्र या फैमिली रजिस्टर की नकल देनी होती है।

इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर और पता प्रमाण जैसे दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।

सभी आवश्यक अभिलेख सही और पूर्ण होने पर ही आवेदन सफलतापूर्वक स्वीकार किया जाता है और निर्धारित समय में सहायता राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है।

देने वाला हितलाभ

  • पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु की स्थिति में अंत्येष्टि व्यय ₹25000/- का भुगतान आवेदक को एकमुश्त किया जायेगा तथा हितलाभ धनराशि ₹05 लाख पर वर्तमान प्रचलित सावधि ब्याज दर के आधार पर आंगणित ब्याज एवं मूलधन सहित मासिक किश्त लगभग ₹9395/-, जो 05 वर्ष (60 माह) तक आवेदक के खाते में प्रतिमाह स्वतः स्थानांतरित की जाएगी, जोकि ब्याज दर के अनुसार घट-बढ़ सकती है। उक्त की स्वीकृति सम्बंधित जिलों के जिला अधिकारी द्वारा की जाएगी।
  • पंजीकृत निर्माण श्रमिक की सामान्य मृत्यु की स्थिति में अंत्येष्टि व्यय ₹25000/- का भुगतान आवेदक को एकमुश्त किया जायेगा तथा हितलाभ धनराशि ₹02 लाख पर वर्तमान प्रचलित सावधि ब्याज दर के आधार पर आंगणित ब्याज एवं मूलधन सहित मासिक किश्त लगभग ₹8736/-, जो 02 वर्ष (24 माह) तक आवेदक के खाते में प्रतिमाह स्वतः स्थानांतरित की जाएगी, जोकि ब्याज दर के अनुसार घट-बढ़ सकती है। उक्त की स्वीकृति सम्बंधित अपर / उप श्रमायुक्त द्वारा की जाएगी।
  • अपंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्यस्थल पर हुई दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु की स्थिति में ₹01 लाख की स्वीकृति की जाएगी, जिसे एकमुश्त आवेदक को प्रदान किया जायेगा। उक्त की स्वीकृति सम्बंधित जिलों के जिला अधिकारी द्वारा की जाएगी।
  • पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना / बीमारी के फलस्वरूप हुई पूर्ण (100 प्रतिशत) स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में हितलाभ धनराशि ₹04 लाख पर वर्तमान प्रचलित सावधि ब्याज दर के आधार पर आंगणित ब्याज एवं मूलधन सहित मासिक किश्त लगभग ₹9172/-, जो 04 वर्ष (48 माह) तक आवेदक के खाते में प्रतिमाह स्वतः स्थानांतरित की जाएगी, जोकि ब्याज दर के अनुसार घट-बढ़ सकती है। उक्त की स्वीकृति सम्बंधित जिलों के जिला अधिकारी द्वारा की जाएगी।
  • पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना / बीमारी के फलस्वरूप हुई पूर्ण (50 प्रतिशत से अधिक एवं 100 प्रतिशत से कम) स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में हितलाभ धनराशि ₹03 लाख पर वर्तमान प्रचलित सावधि ब्याज दर के आधार पर आंगणित ब्याज एवं मूलधन सहित मासिक किश्त लगभग ₹8953/-, जो 03 वर्ष (36 माह) तक आवेदक के खाते में प्रतिमाह स्वतः स्थानांतरित की जाएगी, जोकि ब्याज दर के अनुसार घट-बढ़ सकती है। उक्त की स्वीकृति सम्बंधित अपर / उप श्रमायुक्त द्वारा की जाएगी।
  • पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना / बीमारी के फलस्वरूप हुई पूर्ण (25 प्रतिशत से अधिक एवं 50 प्रतिशत से कम) स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में हितलाभ धनराशि ₹02 लाख पर वर्तमान प्रचलित सावधि ब्याज दर के आधार पर आंगणित ब्याज एवं मूलधन सहित मासिक किश्त लगभग ₹8736/-, जो 02 वर्ष (24 माह) तक आवेदक के खाते में प्रतिमाह स्वतः स्थानांतरित की जाएगी, जोकि ब्याज दर के अनुसार घट-बढ़ सकती है। उक्त की स्वीकृति सम्बंधित अपर / उप श्रमायुक्त द्वारा की जाएगी।

सामान्य मृत्य होने पर

225000

दुर्घटना मृत्य होने पर

525000

50 प्रतिशत से अधिक एवं 100 प्रतिशत से कम स्थायी दिव्यांगता

300000

आम गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए

  • लेबर कार्ड रिन्यू न कराना

  • गलत बैंक खाता देना

  • दस्तावेज अपलोड न करना

  • नामांकन न भरना

Apply Online Link

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