मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना क्या है और इसमें कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
उत्तर प्रदेश सरकार द्वरा चलाई गयी एक अहम योजना है जो दुर्घटना में किसान की मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता होने पर उनके परिवार को एक ‘सुरक्षा कवच’ प्रदान करती है। इस योजना के तहत प्रभावित किसान या उनके आश्रित परिवार को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।
इस योजना का लाभ किन किसानों को मिल सकता है
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ मुख्य रूप से 18 से 70 वर्ष की आयु के किसानों को मिलता है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सिर्फ खेत के मालिक (खातेदार) ही नहीं, बल्कि बटाईदार (जो दूसरों के खेत पर हिस्सा देकर खेती करते हैं) और पट्टे पर खेती करने वाले भूमिहीन किसान भी पूरी तरह से पात्र माने गए हैं
योजना के तहत क्लेम करने के लिए आवेदन कैसे करें और कौन-से जरूरी दस्तावेज
सहायता राशि प्राप्त करने के लिए दुर्घटना होने के 45 दिनों के भीतर ई-डिस्ट्रिक्ट (e-District) पोर्टल के माध्यम से या संबंधित तहसील में आवेदन करना होता है। इसके लिए कुछ प्रमुख दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जिनमें शामिल हैं https://bor.up.nic.in/krishakaccidentscheme/Login/public_login.aspx
- किसान का आधार कार्ड
- खतौनी (जमीन के कागज)
- मृत्यु या दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफआईआर (FIR) की कॉपी
- वारिसान प्रमाण पत्र (मृत्यु की स्थिति में)
- बैंक पासबुक की कॉपी
सरकारी लाभ
किसानों परिवारों के लिए सरकार की बड़ी सहायता योजना
सरकार द्वारा किसानों परिवारों के कल्याण हेतु मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना चलाई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत किसी दुर्घटना में किसान की मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। यदि विकलांगता 25% से अधिक लेकिन 50% से कम है, तो सहायता राशि 1 से 2 लाख रुपये के बीच होती है। दुर्घटना के कारण आंख की रोशनी चले जाने की स्थिति में 5 लाख रुपये तक की सहायता राशि सहायता प्रदान की जाती है
पात्रता
1 किसान के नाम पर जमीन हो
2 उत्तर प्रदेश का निवासी हो
3 दुर्घटना के समय उम्र 18 से 70 वर्ष के बिच होना चाहिए
4 दुर्घटना या मृत्य के बाद 45 दिन के अन्दर अबेदन करना अनिवार्य है
5 अन्य सरकारी बीमा योजना से पहले ही 5 लाख से अधिक सहायता मिल चुकी है, तो इस योजना से राशि नहीं दी जाती
जरुरी अभिलेख
1 किसान और आबेदक का अधार कार्ड 2 बैंक पासबुक अधार से लिंक 3 आबेदक फोटो 5 निवास प्रमाण पत्र 6 मृत्यु प्रमाण पत्र 7 भूमि से संबंधित प्रमाण खतौनी 8 दुर्घटना से संबंधित रिपोर्ट FIR या पोस्टमार्टम 9 दिव्यांगता की स्थिति में मेडिकल प्रमाण पत्र 10 परिवार के आश्रित का पहचान प्रमाण आधार/राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर नकल
भूमिका
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है। इस योजना का उद्देश्य किसानों और उनके आश्रित परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करना है। खेती एक जोखिमपूर्ण कार्य है, जहाँ किसानों को खेतों में काम करते समय कई प्रकार की दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में यदि किसान की मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो उसके परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता देकर उन्हें सहारा दिया जा सके और उनका जीवनयापन सुचारु रूप से चलता रहे।
योजना का उद्देश्य
दुर्घटना से मृत्यु होने पर परिवार को 5,00,000 तक की आर्थिक सहायता।
2️ स्थायी पूर्ण दिव्यांगता होने पर 5,00,000 तक सहायता।
3️ आंशिक स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में निर्धारित प्रतिशत के अनुसार सहायता राशि।
4️ सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
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