यूपी फसल ऋण योजना किसान भाइयों को खेती करने के लिए लोन की सुबधा की गयी जो जरुरत मंदों को लोन मिल सके अपना खेती अछे से बिज और खादी समय से सिचाई कर सके और जादा से जादा पैदावार हो सके भारत सरकार द्वरा चलाया गया लोन लगभग छूट मिलकर 4% हो सकता है।
ब्याज दर
वार्षिक 4% लगता है एक वर्ष में व्याज जमा करने पर व्याज समय से जमा न करने पर व्याज की दर 7% वार्षिक लग सकता है इस लिए समय में व्याज जमा करे उससे आप को लाभ होगा आपका व्याज कम लगेगा और आपकी लोन राशी बढ़ा दी जाएगी
लाभ
उत्तर प्रदेश फसल लोन योजना किसानों को कृषि गतिविधियों के लिए आसान और किफायती लोन सुविधाएँ प्रदान करती है यह लाभ मुख्य रूप से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से दिया जाता है योजना का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को बीज, उर्वरक, कीटनाशक, सिंचाई आदि उपकरण खरीदने और श्रम शुल्क का भुगतान करने के लिए समय पर वित्तीय सहायता मिले। इससे किसानों की स्थानीय साहूकारों पर निर्भरता कम होती है जो आमतौर पर बहुत अधिक ब्याज दर वसूलते हैंइस योजना के तहत किसान कम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं। यदि लोन समय पर चुकाया जाता है, तो सरकार ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे प्रभावी ब्याज का बोझ और कम हो जाता है। कई मामलों में, 150,000 लाख तक का लोन बिना किसी गिरवी के प्रदान किया जाता है इससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए अपनी संपत्ति को जोखिम में डाले बिना लोन प्राप्त करना आसान हो जाता है।एक अन्य प्रमुख लाभ यह है कि फसल बीमा कवरेज अक्सर लोन से जुड़ा होता है, जो बाढ़, सूखा या फसल खराब होने जैसी प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करता है। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश फसल लोन योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देती है और कृषि उत्पादकता और आय बढ़ाने में मदद करती है
जरूरी दस्तावेज
अधार कार्ड,बैंक पासबुक, जमीन का कागज,खतौनी,खसरा , मोबाइल,हिस्सा प्रमाण पत्र आदि
आवेदन प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश फसल ऋण योजना के तहत किसान किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए किसान को निकटतम बैंक शाखा सहकारी बैंक या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक जाना होगा जो केसीसी सुविधा प्रदान करता हो कई बैंक अपनी आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन का विकल्प भी प्रदान करते हैं आवश्यक दस्तावेजों में आमतौर पर आधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र भूमि स्वामित्व दस्तावेज (खतौनी/खसरा) बैंक पासबुक की प्रति और पासपोर्ट आकार की फोटो शामिल होती हैं।आवेदन पत्र और दस्तावेजों को जमा करने के बाद बैंक विवरणों का सत्यापन करता है। ऋण सीमा भूमि के आकार, फसल के प्रकार और किसान की वित्तीय पात्रता के आधार पर निर्धारित की जाती हैऑनलाइन आवेदन करने पर किसान को बैंक के आधिकारिक पोर्टल पर केसीसी आवेदन पत्र भरना होगा जिसमें व्यक्तिगत विवरण भूमि की जानकारी और बैंक खाता विवरण दर्ज करने होंगे आवेदन स्वीकृत होने पर किसान को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया जाता है इस कार्ड के माध्यम से किसान कृषि व्यय के लिए स्वीकृत ऋण सीमा के अनुसार धनराशि निकाल सकता है