सरकारी लाभ
श्रमिक परिवारों के लिए सरकार की बड़ी सहायता योजना
उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश में लड़कियों और उनके परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए इस योजना का शुभारंभ किया हैबालिकाओं के जन्म और कल्याण को बढ़ावा देना शिक्षा को प्रोत्साहित करना और स्कूल छोड़ने की दर को कम करना बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं को रोकना लड़कियों के पालन-पोषण और शिक्षा के लिए परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना लड़कियों को सशक्त बनाना और उनके सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करना
पात्रता
पारिवारिक वार्षिक आय सामान्यतः 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रति परिवार अधिकतम दो बालिकाएँ पात्र हैं। बालिका का जन्म 1 अप्रैल 2019 को या उसके बाद हुआ होना चाहिए (योजना दिशानिर्देशों के अनुसार)। बालिका का बैंक खाता और आधार कार्ड विवरण होना आवश्यक है। संबंधित किस्त के चरण के लिए आवश्यक विद्यालय/शिक्षा में उसका नामांकन होना चाहिए।
जरुरी अभिलेख 0 से एक वर्ष तक 5000 फ्री
अधार कार्ड
माता पिता दोनों का
जन्म प्रमाण पत्र प्रमाण पत्र
बैंक पासबुक की प्रति
आय प्रमाण पत्र
पुत्री का नगर निगम / ग्राम पंचायत द्वारा जारी या अस्पताल
माता /पिता आधार से लिंक खाता, IFSC सहित
परिवार रजिस्टर गाँव में
पुत्री का फोटो
राशन कार्ड शहर में
9 माह तक
जरुरी अभिलेख एक से दो वर्ष तक 2000 फ्री
अधार कार्ड
माता पिता दोनों का
परिवार रजिस्टर गाँव में
पुत्री का फोटो
राशन कार्ड शहर में
9 माह तक
जन्म प्रमाण पत्र प्रमाण पत्र
बैंक पासबुक की प्रति
टिका कागज
पुत्री का नगर निगम / ग्राम पंचायत द्वारा जारी या अस्पताल
माता /पिता आधार से लिंक खाता, IFSC सहित
जरुरी अभिलेख 5 से 8 वर्ष तक 3000 फ्री
अधार कार्ड
माता पिता दोनों का
परिवार रजिस्टर गाँव में
पुत्री का फोटो
राशन कार्ड शहर में
9 माह तक
जन्म प्रमाण पत्र प्रमाण पत्र
बैंक पासबुक की प्रति
प्रवेश रसीद कक्षा 1
पुत्री का नगर निगम / ग्राम पंचायत द्वारा जारी या अस्पताल
माता /पिता आधार से लिंक खाता, IFSC सहित
25000 फ्री
- बालिका जन्म पर
- पूरा टीकाकरण होने पर
- पहली कक्षा में प्रवेश पर
- छठी कक्षा में प्रवेश पर
5000
2000
3000
3000
- नौवीं कक्षा में प्रवेश पर
- 12वीं पास / ग्रेजुएशन या डिप्लोमा में प्रवेश पर
- इस तरह कुल मिलाकर
5000
7000
250000
Apply Online Link
Official Website
जन्म तिथि से पात्रता
Official Website
भूमिका
मातृत्व किसी भी समाज की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक प्रक्रिया है। एक स्वस्थ माँ और स्वस्थ शिशु ही किसी भी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव होते हैं। विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक वर्ग, जिनकी आर्थिक स्थिति सीमित होती है, उनके लिए गर्भावस्था एवं शिशु जन्म के दौरान आर्थिक सहायता अत्यंत आवश्यक हो जाती है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुमंगला योजना संचालित की जाती है। इस योजना का उद्देश्य गर्भावस्था, प्रसव, शिशु पालन तथा परिवार नियोजन के दौरान श्रमिक परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
योजना का उद्देश्य
गर्भवती महिला श्रमिकों को प्रसव के समय आर्थिक सहायता प्रदान करना।
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके।
बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना एवं लैंगिक असमानता को कम करना।
गर्भपात या नसबंदी की स्थिति में महिला श्रमिक को आय की क्षति से बचाना।
पुरुष कामगारों को भी पारिवारिक उत्तरदायित्व में सहयोग हेतु आर्थिक सहायता देना।