भारत में, घरेलू खाना पकाने की गैस को किफायती बनाने के लिए सरकार द्वारा एलपीजी गैस पर सब्सिडी प्रदान की जाती है, जहां सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है; पात्र परिवारों को प्रति सिलेंडर लगभग ₹300 मिलते हैं, जो आमतौर पर प्रति वर्ष 9-12 सिलेंडरों तक सीमित होते हैं। सब्सिडी प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता के नाम पर एक सक्रिय घरेलू एलपीजी कनेक्शन होना चाहिए, आधार को गैस कनेक्शन और बैंक खाते से लिंक किया जाना चाहिए, ई-केवाईसी/बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा होना चाहिए, और वार्षिक पारिवारिक आय ₹10 लाख से कम होनी चाहिए; उपभोक्ता बुकिंग के समय सिलेंडर की पूरी कीमत का भुगतान करता है और सब्सिडी की राशि कुछ दिनों के भीतर बैंक खाते में जमा हो जाती है। वाणिज्यिक सिलेंडरों पर या उच्च आय वाले परिवारों या उचित लिंकिंग/केवाईसी के बिना खातों पर सब्सिडी नहीं दी जाती है। सब्सिडी की स्थिति ऐप, डीबीटी पोर्टल या बैंक एसएमएस/पासबुक के माध्यम से जांची जा सकती है, और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को सब्सिडी लाभ के साथ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए जाते हैं