SARKARI LABH

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75000 हजार फ्री मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना 2026

सरकारी लाभ

श्रमिक परिवारों के लिए सरकार की बड़ी सहायता योजना

सरकार द्वारा श्रमिक परिवारों के कल्याण हेतु मातृत्व हितलाभ योजना चलाई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत पुरुष एवं महिला श्रमिकों को प्रसव, गर्भपात, नसबंदी एवं बालिका जन्म पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है

पात्रता

✅ श्रमिक श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हो
✅ लेबर कार्ड वैध व नवीनीकृत हो
✅ वार्षिक अंशदान जमा हो
✅ महिला श्रमिक गर्भवती/प्रसव/गर्भपात/नसबंदी की स्थिति में
✅ संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी) मान्य
✅ शिशु जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध हो
✅ समय-सीमा के भीतर आवेदन किया गया हो
✅ एक घटना पर एक ही लाभ
✅ बालिका FD हेतु: पहली/दूसरी संतान बालिका
✅ FD की परिपक्वता: 18 वर्ष तक अविवाहित रहना अनिवार्य

  • निर्माण श्रमिक द्वारा पंजीयन के उपरान्त कम से कम 01 वर्ष (365 दिन) बोर्ड की सदस्यता अवधि पूर्ण कर ली गयी हो।
  • मातृत्व एवं शिशु योजना का हितलाभ श्रमिक के प्रथम दो प्रसवों तक सीमित।
  • मातृत्व हितलाभ महिला श्रमिक की दशा में संस्थागत प्रसव में ही देय।

जरुरी अभिलेख

अधार कार्ड

पुरुष/महिला श्रमिक एवं लाभार्थी का

श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र / लेबर कार्ड

बैंक पासबुक की प्रति

श्रमिक का वैध एवं नवीनीकृत होना अनिवार्य

आधार से लिंक खाता, IFSC सहित

परिवार रजिस्टर गाँव में

शिशु का जन्म प्रमाण पत्र

राशन कार्ड शहर में

नगर निगम / ग्राम पंचायत द्वारा जारी या अस्पताल

पुरुष

  • पुरुष पंजीयन होने पर पुत्र प्रसव होने पर
  • पुरुष पंजीयन होने पर पुत्री प्रसव होने पर
  • पुरुष पंजीयन होने पर पुत्री प्रसव होने पर
  • पुरुष पंजीयन होने पर पुत्री प्रसव दिव्याॅंग बालिका होने पर

26000

31000

25000 FD

50000 FD

महिला

  • महिला पंजीयन होने पर पुत्र प्रसव होने पर
  • महिला पंजीयन होने पर पुत्री प्रसव होने पर 
  • महिला पंजीयन होने पर पुत्री प्रसव होने पर
  • महिला पंजीयन होने पर पुत्री प्रसव दिव्याॅंग बालिका होने पर

45000

50000

25000

50000

Apply Online Link

Official Website

भूमिका

मातृत्व किसी भी समाज की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक प्रक्रिया है। एक स्वस्थ माँ और स्वस्थ शिशु ही किसी भी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव होते हैं। विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक वर्ग, जिनकी आर्थिक स्थिति सीमित होती है, उनके लिए गर्भावस्था एवं शिशु जन्म के दौरान आर्थिक सहायता अत्यंत आवश्यक हो जाती है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा मातृत्व हितलाभ योजना संचालित की जाती है। इस योजना का उद्देश्य गर्भावस्था, प्रसव, शिशु पालन तथा परिवार नियोजन के दौरान श्रमिक परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

योजना का उद्देश्य

गर्भवती महिला श्रमिकों को प्रसव के समय आर्थिक सहायता प्रदान करना।

संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके।

बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना एवं लैंगिक असमानता को कम करना।

गर्भपात या नसबंदी की स्थिति में महिला श्रमिक को आय की क्षति से बचाना।

पुरुष कामगारों को भी पारिवारिक उत्तरदायित्व में सहयोग हेतु आर्थिक सहायता देना।

दिव्यांग बालिका के भविष्य को सुरक्षित करना।

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