मुख्यमंत्री विधवा पेंशन योजना का उद्देश्य राज्य के गरीब बुजुर्ग नागरिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित है। और अपना जीवन अच्छे से जीवन बिता सके जैसे दावा अपना खर्चा बेटा से न रूपए न मिलने से विधवा अवस्ता में कठिनाई का समन्ना करना पड़ता है बेटे में हम नहीं खिलाएंगे तू 3000 रूपए के लालच में बेटा अछे से देख भाल कर सके और उनका जीवन में छोटा मोटा कठिनाई का समन्ना कर पाए इस लिए सरकर द्वरा चलायी गयीविधवापेंशन के द्वरा 1000 हजार रूपए प्रति माह दिया जाता है हर 3 महिना में 3000 हजार रूपए DBT के माध्यम से डारेक्ट उनके खाते में भेज दिया जाता हैं पति की मृत्यु के बाद आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देना।
एक वर्ष में 12000 हजार कब मिलता है
1 अप्रैल से जून
2 जुलाई से सितंबर
3 अक्टूबर से दिसंबर
4 जनवरी से मार्च
कौन योजना के लिए पात्र है
1 आवेदक का उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए 2 ऐसे आवेदक जिनकी आयु 18 से 60 वर्ष उसके बाद वृद्धावस्था पेंशन बनया जाता है या उससे अधिक हो तथा जो गरीबी रेखा के नीचे हो या उनकी वार्षिक आय अधिकतम शहरी क्षेत्र में रू0 56460/- व ग्रामीण क्षेत्र में रू0 46080/- तक हो, योजनान्तर्गत पात्रता की श्रेणी में आते है 3 परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होना चाहिए आय प्रमाण पत्र के अनुसार माना ज्यता है
पहले से किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ न मिलता हो
पहचान प्रमाण
अधार कार्ड पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बैंक पासबुक फोटो परिवार रजिस्टर नकल या राशन कार्ड आय प्रमाण पत्र मोबाइल नम्बर आदि
न्यू आवेदन लिंक
आवेदन की स्तिथि लिंक
आधिकारिक वेबसाइट लिंक
योजना का परिचय
राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक सुरक्षा ढांचे के तहत 1995 में भारत सरकार द्वारा NSAP शुरू हुआ।
इसके अंतर्गत Indira Gandhi National Widow Pension Scheme (IGNWPS) लागू है।
उत्तर प्रदेश में राज्य अंश जोड़कर निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन” के रूप में संचालन किया गया